बंद पत्थर खदान में मिली अज्ञात युवती की लाश, क्षेत्र में सनसनी
हंटरगंज (चतरा)। प्रखंड क्षेत्र के नावाडीह पंचायत अंतर्गत पनारी गांव स्थित बंद पड़े स्वर्गीय बिंदी यादव के पत्थर खदान से शुक्रवार को एक अज्ञात युवती का शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस फिलहाल युवती की पहचान करने के साथ-साथ उसकी मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह गांव के कुछ लोग प्रतिदिन की तरह नित्यक्रिया के लिए बंद पड़े पत्थर खदान की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी से भरे गहरे खदान में तैर रहे एक शव पर पड़ी। शव दिखाई देने के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय मुखिया को दी, जिसके बाद मुखिया ने हंटरगंज थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए आसपास के क्षेत्र से आवश्यक साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया तथा मामले की जांच प्रारंभ कर दी।प्राथमिक जांच में मृतका की उम्र लगभग 20 से 22 वर्ष आंकी गई है। युवती ने जींस पैंट पहन रखी थी, लेकिन उसके पास से ऐसा कोई पहचान पत्र या अन्य सामान बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी पहचान हो सके। शव की स्थिति को देखते हुए प्रथम दृष्टया मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस पत्थर खदान से शव बरामद हुआ है, वह काफी समय से बंद पड़ा है और उसमें काफी गहराई तक पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि आसपास के लोग अक्सर इसी स्थान पर नित्यक्रिया के लिए जाते हैं तथा कई बार मवेशियों को भी वहीं नहलाया जाता है। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए आसपास के गांवों और थाना क्षेत्रों में सूचना भेजी है। साथ ही शव को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर सुरक्षित रखवाया गया है, ताकि पहचान होने पर उसे परिजनों को सौंपा जा सके।
हंटरगंज थाना पुलिस का कहना है कि युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या, आत्महत्या और दुर्घटनावश मौत—तीनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले सभी तथ्यों और परिस्थितियों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है।इस घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बंद पड़े गहरे पत्थर खदानों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और ऐसे स्थानों पर आवश्यक चेतावनी बोर्ड एवं घेराबंदी कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।